एक दूरस्थ आकाशगंगा से निकलता हुआ तीव्र रेडियो विस्फोट, जो 10 अरब वर्ष बाद पृथ्वी पर पहुँचता है, जेम्स वेब टेलीस्कोप और मीरकैट एरे द्वारा देखा गया।
एक दूरस्थ आकाशगंगा से निकलता हुआ तीव्र रेडियो विस्फोट, जो 10 अरब वर्ष बाद पृथ्वी पर पहुँचता है, जेम्स वेब टेलीस्कोप और मीरकैट एरे द्वारा देखा गया।

ब्रह्मांड के शुरुआती तारानिर्माण काल का यह संकेत, खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले किसी दोस्त के लिए भी समझने लायक संदर्भ देता है।

10 अरब साल पुराना रेडियो विस्फोट मिला कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

वैज्ञानिकों ने एक अत्यंत दूरस्थ फास्ट रेडियो बर्स्ट (FRB), FRB 20240304B की खोज की है, जो लगभग 10 अरब वर्ष पहले उत्पन्न हुआ था। यह संकेत पृथ्वी तक पहुँचने में इतना लंबा समय लिया क्योंकि यह ब्रह्मांड के उस दौर से आ रहा है जब यह केवल 3 अरब वर्ष पुराना था, जिसे 'कॉस्मिक नून' कहा जाता है। इस दौरान तारों का निर्माण अपने चरम पर था।

इस खोज का महत्व इस बात में है कि यह अब तक के स्थानीकृत FRB में सबसे अधिक रेडशिफ्ट वाला है, जिससे ब्रह्मांड के विस्तार और दूरस्थ आकाशगंगाओं के विकास को समझने में मदद मिलती है। संकेत का पता दक्षिण अफ्रीका में स्थित मीरकैट रेडियो टेलीस्कोप नेटवर्क ने लगाया, जबकि स्रोत आकाशगंगा की पहचान जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद से हुई।

स्रोत एक कम द्रव्यमान वाली, अनियमित बौनी आकाशगंगा है जो तारे बना रही है। FRB जैसे अल्पकालिक विस्फोट अभी भी रहस्यमय हैं, लेकिन इनके अध्ययन से अंतर-आकाशगंगीय माध्यम, मैग्नेटार और ब्रह्मांड की संरचना के बारे में जानकारी मिलती है। यह खोज ब्रह्मांड के प्रारंभिक इतिहास को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

तथ्य

  • वैज्ञानिकों ने 4 मार्च 2024 को FRB 20240304B नामक फास्ट रेडियो बर्स्ट का पता लगाया।
  • यह रेडियो संकेत लगभग 10 अरब वर्षों तक यात्रा करके पृथ्वी पर पहुँचा।
  • इसका स्रोत एक कम द्रव्यमान वाली, तारा-निर्माण करने वाली बौनी आकाशगंगा है।
  • संकेत का पता मीरकैट रेडियो टेलीस्कोप ने लगाया, और जेम्स वेब टेलीस्कोप ने स्रोत की पहचान की।
  • यह खोज ब्रह्मांड के लगभग 3 अरब वर्ष की उम्र वाले 'कॉस्मिक नून' काल के बारे में जानकारी देती है।
  • इस खोज ने स्थानीकृत FRB के रेडशिफ्ट दायरे को लगभग दोगुना कर दिया है।

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