
एक रोल से बनी अमर पहचान, इस बदलाव को देख रहे किसी दोस्त के लिए खास संदर्भ।

21 साल सरकारी नौकरी के बाद बने बॉलीवुड के खलनायक कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
अमरीश पुरी बॉलीवुड के सबसे यादगार खलनायकों में से एक हैं, जिन्होंने 'मिस्टर इंडिया' में 'मोगैम्बो' के किरदार से दर्शकों के दिलों पर राज किया। लेकिन कम लोग जानते हैं कि उन्होंने फिल्मों में आने से पहले 21 साल तक कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) में सरकारी नौकरी की। युवावस्था में मुंबई आए अमरीश ने पहले स्क्रीन टेस्ट में नाकामी के बाद नौकरी शुरू की, लेकिन सपने नहीं छोड़े। 1971 में फिल्म 'रेशमा और शेरा' से उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। शुरुआत में छोटे किरदारों में नजर आए, लेकिन जल्द ही उनकी प्रतिभा सामने आई। फिल्मों जैसे 'निशांत', 'मंथन' और 'अर्ध सत्य' में उनके अभिनय को सराहना मिली। 1980 की फिल्म 'हम पांच' के बाद उनकी पहचान एक मजबूत खलनायक के रूप में बनी। इसके बाद वह 'हीरो', 'दामिनी', 'फूल और कांटे' और 'मिस्टर इंडिया' जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में नकारात्मक किरदार निभाते रहे। अमरीश पुरी ने हॉलीवुड फिल्म 'इंडियाना जोन्स एंड द टेम्पल ऑफ डूम' में भी काम किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। उन्होंने 400 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। 12 जनवरी 2005 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी आवाज और किरदार आज भी याद किए जाते हैं।
तथ्य
- अमरीश पुरी ने फिल्मों में आने से पहले 21 साल तक कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) में नौकरी की।
- उन्होंने 1971 में फिल्म 'रेशमा और शेरा' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की।
- फिल्म 'मिस्टर इंडिया' (1987) में 'मोगैम्बो' के किरदार ने उन्हें बॉलीवुड के सबसे यादगार खलनायक बना दिया।
- अमरीश पुरी ने हॉलीवुड फिल्म 'इंडियाना जोन्स एंड द टेम्पल ऑफ डूम' में भी अभिनय किया।
- उन्होंने अपने करियर में 400 से अधिक फिल्मों में काम किया।
- 12 जनवरी 2005 को अमरीश पुरी का निधन हो गया।
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