एक गोल्ड बार के सामने विभिन्न देशों के झंडे, जिसमें पोलैंड और चीन के झंडे प्रमुख हैं, पृष्ठभूमि में सेंट्रल बैंक की इमारत की छवि
एक गोल्ड बार के सामने विभिन्न देशों के झंडे, जिसमें पोलैंड और चीन के झंडे प्रमुख हैं, पृष्ठभूमि में सेंट्रल बैंक की इमारत की छवि

अप्रैल में देशों के बीच सोना खरीदने का बढ़ता रुझान, इस विषय को देख रहे किसी निवेशक के साथ समझने लायक संदर्भ देता है।

अप्रैल में केंद्रीय बैंकों ने खरीदे 17 टन सोने कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

अप्रैल 2026 में वैश्विक केंद्रीय बैंकों ने सोने की शुद्ध खरीद में 17 टन की वृद्धि की, जिससे वे नेट खरीदार बन गए। इस दौरान पोलैंड ने सबसे अधिक 14 टन सोना खरीदा, जिससे उसका कुल गोल्ड रिजर्व 595 टन हो गया। चीन ने लगातार 18वें महीने 8 टन सोना खरीदा, जो दिसंबर 2024 के बाद सबसे बड़ी मासिक खरीद है। चेक गणराज्य और उजबेकिस्तान ने भी सोना खरीदा, जबकि रूस ने लगातार चौथे महीने 6 टन सोना बेचा।

पोलैंड का कुल गोल्ड रिजर्व अब उसके कुल रिजर्व का लगभग 30% है, जबकि उजबेकिस्तान के पास 414 टन सोना है, जो उसके कुल रिजर्व का 88% है। चीन के पास अब 2,322 टन सोना है, जो उसके कुल रिजर्व का 9% है। इस खरीदारी के पीछे भू-राजनीतिक अस्थिरता और आरक्षित संपत्ति में विविधता लाने की रणनीति मानी जा रही है।

अमेरिका के पास दुनिया में सबसे अधिक 8,133 टन सोना है, जिसके बाद जर्मनी, इटली, फ्रांस और रूस का स्थान है। तुर्की के गोल्ड रिजर्व में अप्रैल में कोई बदलाव नहीं आया। पूर्वी यूरोप और एशियाई देश पिछले 36 महीनों से लगातार सोने की खरीद में सक्रिय रहे हैं।

तथ्य

  • अप्रैल 2026 में वैश्विक केंद्रीय बैंकों ने सोने की शुद्ध खरीद में 17 टन की वृद्धि की
  • पोलैंड ने अप्रैल में 14 टन सोना खरीदा और इस साल कुल 45 टन खरीद चुका है
  • चीन ने लगातार 18वें महीने सोना खरीदा और अप्रैल में 8 टन सोना खरीदा
  • उजबेकिस्तान ने अप्रैल में 1 टन सोना बेचा लेकिन इस साल कुल 24 टन सोना खरीदा
  • रूस ने लगातार चौथे महीने अप्रैल में 6 टन सोना बेचा
  • अमेरिका के पास सबसे अधिक 8,133 टन सोना है

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