चीनी झंडे के सामने एक डिजिटल ग्लोब और AI चिप्स की छवि, जिस पर 'वैश्विक AI सहयोग' लिखा है।
चीनी झंडे के सामने एक डिजिटल ग्लोब और AI चिप्स की छवि, जिस पर 'वैश्विक AI सहयोग' लिखा है।

अमेरिका के खिलाफ गठबंधन बनाने की यह कोशिश, विकासशील देशों में राजनीतिक रुख बदलने का संकेत देती है, एक दोस्त जो वैश्विक संबंध देख रहा हो, उसके लिए यह संदर्भ उपयोगी है।

चीन ने G7 के बाद बनाया अपना AI गठबंधन कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

चीन ने G7 शिखर सम्मेलन में न्योता न मिलने के बाद एक नए वैश्विक संगठन की घोषणा की है। इसका नाम 'वर्ल्ड एआई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन' रखा गया है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव के विकल्प के रूप में उभर सकता है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह संगठन एआई के माध्यम से वैश्विक कल्याण को बढ़ावा देगा।

इस संगठन में शामिल होने के लिए एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के विकासशील देशों को निमंत्रित किया जाएगा, जो पश्चिमी नेतृत्व वाले समूहों से बाहर रहे हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इसे अमेरिकी वर्चस्व के खिलाफ एक रणनीतिक कदम के रूप में देख रहे हैं।

संगठन को मजबूत बनाने के लिए ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के देशों को भी शामिल किया जा सकता है। रूस और ईरान जैसे देशों के इसमें शामिल होने की संभावना है। चीन ने सभी देशों को खुले आमर्श में आमंत्रित किया है जो अमेरिकी नीतियों से असंतुष्ट हैं।

तथ्य

  • 2026 में फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में चीन को न्योता नहीं भेजा गया था।
  • 17 जून, 2026 को चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 'वर्ल्ड एआई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन' की घोषणा की।
  • चीन एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के विकासशील देशों को इस संगठन में शामिल करना चाहता है।
  • संगठन को मजबूत करने के लिए ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • रूस और ईरान जैसे देशों के नए संगठन में शामिल होने की संभावना है।
  • चीन ने सभी देशों को आमंत्रित किया है जो अमेरिकी नीतियों से परेशान हैं।

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