एक यूरोपीय संघ ध्वज के सामने एक बंद लॉक के साथ एक जहाज और चिप दिखाते हुए, जो प्रतिबंधों के तहत रूस के सैन्य समर्थन को रोकने की कोशिश को दर्शाता है।
एक यूरोपीय संघ ध्वज के सामने एक बंद लॉक के साथ एक जहाज और चिप दिखाते हुए, जो प्रतिबंधों के तहत रूस के सैन्य समर्थन को रोकने की कोशिश को दर्शाता है।

यूरोप की ओर से रूस के समर्थन वाली कंपनियों पर प्रतिबंध, इस विषय पर नजर रखने वाले किसी सहकर्मी के लिए उपयोगी संदर्भ देता है।

यूरोप ने रूस के साथ व्यापार करने वाली 50 कंपनियों पर प्रतिबंध कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

यूरोपीय संघ ने रूस पर अपने 21वें प्रतिबंध पैकेज की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के लिए सैन्य और आर्थिक समर्थन को कमजोर करना है। इस पैकेज में 50 कंपनियों पर निर्यात प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिनमें भारत, चीन, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात, किर्गिस्तान और कजाकिस्तान की कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां रूस को ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य दोहरे उपयोग वाली तकनीक पहुंचा रही थीं, जिनका उपयोग रूसी सैन्य ढांचे को मजबूत करने में किया जा रहा है।

प्रतिबंधों का दायरा बैंकिंग और ऊर्जा क्षेत्र तक भी फैला है। लगभग 90 तीसरे देशों के बैंकों की संपत्ति फ्रीज की गई है और 30 से अधिक रूसी बैंकों पर लेनदेन पर निगरानी रखी जाएगी। साथ ही, 11 क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म्स पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं ताकि रूस प्रतिबंधों को बायपास न कर सके। यूरोप ने रूस की 'शैडो फ्लीट' के खिलाफ भी कार्रवाई की है, जिसमें 30 नए जहाजों को लिस्ट में जोड़ा गया है और दो रूसी बंदरगाहों तथा चार हवाई अड्डों पर प्रतिबंध बढ़ाए गए हैं।

रूसी कच्चे तेल के लिए मूल्य सीमा को अगले छह महीनों के लिए 44.10 डॉलर प्रति बैरल पर तय किया गया है। भारतीय कंपनियों पर लगे प्रतिबंधों से भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी पर तनाव आ सकता है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन ने कहा कि ये प्रतिबंध रूस के युद्ध प्रयास की आर्थिक नींव को कमजोर कर रहे हैं।

तथ्य

  • यूरोपीय संघ ने रूस के खिलाफ 21वां प्रतिबंध पैकेज 9 जून 2026 को घोषित किया।
  • 50 कंपनियों, जिनमें भारत और चीन की कंपनियां शामिल हैं, पर निर्यात प्रतिबंध लगाए गए।
  • 90 बैंकों और 11 क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।
  • 30 नए जहाजों को 'शैडो फ्लीट' के तहत लिस्ट में जोड़ा गया और 2 रूसी बंदरगाहों पर प्रतिबंध बढ़ाए गए।
  • रूसी क्रूड ऑयल के लिए मूल्य सीमा 44.10 डॉलर प्रति बैरल पर अगले 6 महीनों के लिए तय की गई।
  • यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन ने प्रतिबंधों की घोषणा की।

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