
भारतीय मूल के चार खिलाड़ी विश्व कप में अलग-अलग टीमों का प्रतिनिधित्व करेंगे, यह बदलाव उस दोस्त के लिए भी दिलचस्प है जो फुटबॉल में भारतीय उपस्थिति को देखना चाहता है।

विश्व कप 2026 में भारतीय मूल के चार खिलाड़ी कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
FIFA विश्व कप 2026 में भारतीय राष्ट्रीय टीम की अनुपस्थिति के बावजूद, भारतीय मूल के चार खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ेंगे। ये खिलाड़ी अलग-अलग देशों की टीमों के लिए खेलेंगे। इनमें कतर के लिए खेलने वाले विंगर तहसीन जमशीद, न्यूजीलैंड के लिए खेल रहे अटैकिंग मिडफील्डर सरप्रीत सिंह, कांगो के लिए डिफेंसिव मिडफील्डर सैमुअल मुतुसामी और ऑस्ट्रेलिया की टीम में शामिल विंगर निशान वेलुपिल्ले शामिल हैं।
tahsin जमशीद कन्नूर, केरल के मलयाली माता-पिता के बेटे हैं और दोहा में जन्मे हैं। वे कतर की प्रारंभिक टीम में शामिल हैं और अंतिम टीम में जगह पाने की उम्मीद बनाए हुए हैं। उनके पिता पूर्व फुटबॉलर हैं और कतर के लिए अंडर-17 और अंडर-19 स्तर पर खेल चुके हैं।
सरप्रीत सिंह का परिवार पंजाब के जालंधर से है। वे 2018 से न्यूजीलैंड की सीनियर टीम के लिए खेल रहे हैं और अब तक तीन गोल कर चुके हैं। सैमुअल मुतुसामी की मां कांगो की हैं और पिता तमिल मूल के इंडो-गुआराडेलूपियन हैं। उन्होंने 2019 में कांगो के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना डेब्यू किया था। निशान वेलुपिल्ले के पिता तमिलनाडु के मलेशियाई नागरिक हैं और मां एक एंग्लो-इंडियन हैं।
तथ्य
- FIFA विश्व कप 2026 में भारतीय मूल के चार खिलाड़ी अलग-अलग टीमों के लिए खेलेंगे।
- तहसीन जमशीद कतर के लिए खेल सकते हैं और उनके माता-पिता कन्नूर, केरल के हैं।
- सरप्रीत सिंह पंजाब के जालंधर से ताल्लुक रखते हैं और न्यूजीलैंड के लिए खेल रहे हैं।
- सैमुअल मुतुसामी ने 2019 में कांगो के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था।
- निशान वेलुपिल्ले ऑस्ट्रेलिया की टीम में शामिल हैं और उनके पिता तमिलनाडु से जुड़े हैं।
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