सूर्य के चारों ओर एक चमकीला वृत्ताकार घेरा, जो आसमान में बर्फ के क्रिस्टलों के कारण बना है।
सूर्य के चारों ओर एक चमकीला वृत्ताकार घेरा, जो आसमान में बर्फ के क्रिस्टलों के कारण बना है।

सूर्य के चारों ओर बना चमकीला घेरा देखकर लोगों में उत्सुकता बढ़ी, इस विज्ञान की खूबसूरती को अपने साथ देखने वाले किसी दोस्त के लिए भी समझदारी भरा संदर्भ है।

गोरखपुर में दिखा दुर्लभ सूर्य हेलो कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 29 मई 2026 को आसमान में एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखी गई, जब सूर्य के चारों ओर एक चमकीला वृत्ताकार घेरा दिखाई दिया। इसे '22 डिग्री सन हेलो' कहा जाता है और यह पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में मौजूद सूक्ष्म बर्फ के क्रिस्टलों में सूर्य के प्रकाश के अपवर्तन के कारण बनता है। यह घटना सिरोस्ट्रेटस बादलों की उपस्थिति में होती है और आमतौर पर आने वाले मौसम परिवर्तन का संकेत दे सकती है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह कोई रहस्यमय घटना नहीं, बल्कि वायुमंडलीय प्रकाशिकी की एक स्थापित प्रक्रिया है। लोगों को चेतावनी दी गई कि सीधे सूर्य को लंबे समय तक नंगी आंखों से न देखें, क्योंकि इससे आंखों को नुकसान हो सकता है।

तथ्य

  • 29 मई 2026 को गोरखपुर में सूर्य के चारों ओर 22 डिग्री सन हेलो दिखाई दिया।
  • यह घटना ऊपरी वायुमंडल में बर्फ के षट्भुजीय क्रिस्टलों में प्रकाश के अपवर्तन से बनती है।
  • खगोलविद अमर पाल सिंह ने इसे सिरोस्ट्रेटस बादलों की उपस्थिति में होने वाली प्राकृतिक घटना बताया।
  • सन हेलो मौसम बदलने का संकेत हो सकता है, लेकिन हर बार बारिश का आश्वासन नहीं देता।
  • सीधे सूर्य को लंबे समय तक नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए।

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