हिंदुस्तान जिंक के शेयर चार्ट में गिरावट दिखाते हुए, पृष्ठभूमि में सरकारी भवन और बाजार ग्राफ़
हिंदुस्तान जिंक के शेयर चार्ट में गिरावट दिखाते हुए, पृष्ठभूमि में सरकारी भवन और बाजार ग्राफ़

सरकार की निजीकरण योजना का असर दिख रहा है, इस विषय पर नजर रखने वाले किसी सहकर्मी के लिए यह संदर्भ उपयोगी हो सकता है।

हिंदुस्तान जिंक शेयर में 6% गिरावट कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

हिंदुस्तान जिंक के शेयर में 6% की गिरावट आई है, जिसके बाद कंपनी का मार्केट कैप 2.4 लाख करोड़ रुपये तक सीमित रह गया। यह गिरावट सरकार की हिंदुस्तान जिंक में 2% तक हिस्सेदारी ₹5,000 करोड़ में बेचने की योजना के बाद आई है। 31 मार्च 2026 तक सरकार के पास कंपनी में 28% हिस्सेदारी थी, जबकि अनिल अग्रवाल की वेदांता ग्रुप के पास 61% हिस्सेदारी थी।

इस बिक्री के माध्यम से सरकार अपने निजीकरण कार्यक्रम के तहत राजस्व जुटाने का लक्ष्य रख रही है। हाल ही में सरकार ने कोल इंडिया और एनएचपीसी में हिस्सेदारी बेचकर कुल लगभग 7,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। हिंदुस्तान जिंक में यह कदम निवेशकों के बीच चिंता फैला रहा है, खासकर जब कंपनी के शेयरों में पिछले एक हफ्ते में 9% से अधिक की गिरावट आ चुकी है।

हालांकि, 2025-26 के दौरान कंपनी के शेयर में एक साल में लगभग 17% की बढ़त दर्ज की गई थी। वेदांता के शेयर में भी 4% की गिरावट आई है, जो इस बात का संकेत है कि बाजार में व्यापक चिंता है। सरकार की यह योजना बजट घाटे को कम करने और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए अहम है।

तथ्य

  • हिंदुस्तान जिंक का शेयर 6% गिरकर 567.20 रुपये पर आ गया, पिछले बंद के मुकाबले।
  • सरकार हिंदुस्तान जिंक में 2% हिस्सेदारी ₹5,000 करोड़ में बेचने की योजना बना रही है।
  • 31 मार्च 2026 तक सरकार के पास हिंदुस्तान जिंक में 28% हिस्सेदारी थी।
  • वेदांता ग्रुप के पास कंपनी में 61% हिस्सेदारी है।
  • कंपनी का मार्केट कैप गिरावट के बाद 2.40 लाख करोड़ रुपये रह गया।
  • पिछले एक हफ्ते में हिंदुस्तान जिंक के शेयर में 9% से अधिक की गिरावट आई है।

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