एक भूमिगत सुरंग का दृश्य, जिसका प्रवेश द्वार ढह चुका है और आसपास बारूदी सुरंगों के निशान हैं। पृष्ठभूमि में ईरान का मानचित्र और परमाणु प्रतीक दिखाई देता है।
एक भूमिगत सुरंग का दृश्य, जिसका प्रवेश द्वार ढह चुका है और आसपास बारूदी सुरंगों के निशान हैं। पृष्ठभूमि में ईरान का मानचित्र और परमाणु प्रतीक दिखाई देता है।

ईरान के परमाणु भंडार को गहराई में छिपाए जाने की यह रणनीति, एक सहकर्मी या दोस्त के लिए जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर नजर रखता है, समझने लायक संदर्भ देती है।

ईरान ने छिपाया 500 किलो बम ग्रेड यूरेनियम कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

ईरान ने हाल के हफ्तों में अपने लगभग 500 किलोग्राम बम ग्रेड यूरेनियम को भूमिगत सुरंगों में छिपा दिया है और उनके प्रवेश द्वार को ढहा दिया है। इसके साथ ही प्रवेश मार्गों पर बारूदी सुरंगें भी बिछा दी गई हैं। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस संकेत के बाद आया है जिसमें उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई थी।

अमेरिका का उद्देश्य इस यूरेनियम को जब्त करके नष्ट करना था, ताकि ईरान परमाणु हथियार न बना सके। दोनों देशों के बीच एक समझौते पर बातचीत चल रही थी, जिसके तहत ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को सौंपना था। लेकिन अब सुरंगों के ढह जाने से यह कार्रवाई लगभग असंभव हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने यह कदम जानबूझकर उठाया है। इससे वह अंतरराष्ट्रीय जांचकर्ताओं के सामने यह बहाना बना सकता है कि यूरेनियम का कुछ हिस्सा अब निकालने योग्य नहीं रह गया है। इसके अलावा, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह यूरेनियम मध्य ईरान के इस्फहान परमाणु परिसर में दबा हुआ है।

तथ्य

  • ईरान ने हाल के हफ्तों में अपने लगभग 500 किलोग्राम बम ग्रेड यूरेनियम को भूमिगत सुरंगों में छिपा दिया है।
  • सुरंगों के प्रवेश द्वार को ढहा दिया गया है और बारूदी सुरंगें बिछा दी गई हैं।
  • यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सैन्य हमले के संकेत के बाद आया है।
  • अमेरिका इस यूरेनियम को जब्त कर नष्ट करना चाहता था।
  • इस्फहान परमाणु परिसर में यूरेनियम के अधिकांश हिस्से के छिपे होने की आशंका है।
  • अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि अब इसे निकालना लगभग असंभव है।

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