ईशान खट्टर सेना के अधिकारियों के साथ खड़े हैं, एक यादगार पट्टिका प्राप्त करते हुए, जिस पर '45 कैवलरी' और 'एक बार कैवलियर, हमेशा कैवलियर' लिखा है।
ईशान खट्टर सेना के अधिकारियों के साथ खड़े हैं, एक यादगार पट्टिका प्राप्त करते हुए, जिस पर '45 कैवलरी' और 'एक बार कैवलियर, हमेशा कैवलियर' लिखा है।

एक ऐसा सम्मान जो अभिनय से परे है, इस बारे में जानना उस दोस्त के लिए भी अहम है जो फिल्म और इतिहास के जुड़ाव में दिलचस्पी रखता है।

ईशान खट्टर को सेना का सम्मान कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

बॉलीवुड अभिनेता ईशान खट्टर को फिल्म 'पिप्पा' में कैप्टन बलराम सिंह मेहता की भूमिका निभाने के लिए भारतीय सेना की 45 कैवलरी ने मानद सदस्यता प्रदान की है। यह सम्मान उनके अभिनय के साथ-साथ रेजिमेंट की विरासत और आदर्शों के प्रति उनके सम्मान को देखते हुए दिया गया। समारोह में उन्हें एक यादगार पट्टिका भी भेंट की गई, जिस पर 'एक बार कैवलियर, हमेशा कैवलियर' लिखा था।

ee फिल्म 'पिप्पा' 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान पूर्वी मोर्चे पर लड़ाई लड़ने वाले कैप्टन बलराम सिंह मेहता के संस्मरण 'द बर्निंग चैफीज' पर आधारित है। फिल्म में ईशान के साथ मृणाल ठाकुर, प्रियांशु पैन्यूली और सोनी राजदान ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।

ईशान ने इस सम्मान को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया और कहा कि यह बॉक्स ऑफिस से कहीं अधिक महत्व रखता है। उन्होंने एक नोट में लिखा कि वे भारतीय सेना की सेवा में हमेशा ईमानदारी और विनम्रता से तत्पर रहेंगे।

तथ्य

  • ईशान खट्टर को फिल्म 'पिप्पा' में कैप्टन बलराम सिंह मेहता की भूमिका के लिए 45 कैवलरी की मानद सदस्यता मिली।
  • सम्मान 18 मई 2026 को दिया गया, जिसमें उन्हें एक यादगार पट्टिका भी भेंट की गई।
  • ईशान ने कहा कि यह सम्मान उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है।
  • फिल्म 'पिप्पा' ब्रिगेडियर बलराम सिंह मेहता के संस्मरण 'द बर्निंग चैफीज' पर आधारित है।
  • फिल्म में मृणाल ठाकुर, प्रियांशु पैन्यूली और सोनी राजदान ने भी प्रमुख भूमिकाएं निभाईं।

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