
कोटा में छात्रों की वापसी से छोटे व्यापारियों के लिए राहत का माहौल, इस तरह के बदलाव को देखने वाले किसी दोस्त के साथ समझने लायक संदर्भ देती है।

कोटा में फिर लौटी कोचिंग की रौनक कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
कोटा, जिसे देश की कोचिंग राजधानी के रूप में जाना जाता है, एक बार फिर अपनी ताकत दिखा रहा है। पिछले तीन वर्षों में छात्र संख्या में गिरावट के बाद अब 20 से 25 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। 2025 में छात्र संख्या 1.25 लाख तक गिर गई थी, लेकिन अब फिर से बढ़कर 1.60 लाख के करीब पहुंच गई है। इस उछाल से शहर की अर्थव्यवस्था को नई जान मिली है। होटल, रियल एस्टेट, परिवहन और खुदरा व्यापार जैसे क्षेत्र फिर से सक्रिय हो रहे हैं।
कोटा की वापसी के पीछे कई कारण हैं। जेईई और नीट में लगातार टॉपर्स देने वाले संस्थान, कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुविधाएं और एक प्रतिस्पर्धी छात्र समुदाय ने देश भर के छात्रों को फिर से आकर्षित किया है। छात्र बड़े शहरों के महंगे खर्च के मुकाबले कोटा में औसतन 10,000 रुपये प्रति माह में बेहतर तैयारी का मौका पाते हैं।
लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं। पिछले वर्षों में छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दों ने शहर की छवि पर सवाल खड़े किए थे। अब शहर के लिए यह तय करना है कि क्या यह वृद्धि स्थायी होगी या फिर एक अस्थायी उछाल है। स्थानीय व्यापारियों और नीति निर्माताओं की नजर अब इस बदलाव को टिकाऊ बनाने पर है।
तथ्य
- कोटा में कोचिंग स्टूडेंट्स की संख्या में 20-25% की वृद्धि दर्ज की जा रही है।
- 2025 में छात्र संख्या 1.25 लाख तक गिर गई थी, जो अब फिर से बढ़ रही है।
- कोटा में औसतन 10,000 रुपये प्रति माह में छात्रों को बेहतर कोचिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मिलता है।
- जेईई और नीट में लगातार टॉपर्स देने वाले संस्थान कोटा की वापसी में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
- होटल, रियल एस्टेट, परिवहन और स्थानीय व्यापार फिर से सक्रिय हो रहे हैं।
Canto का विज़ुअल न्यूज़ एक्सप्लेनर। उत्पादन में AI टूल सहायता कर सकते हैं। संपादकीय नीति





