
ईरान से फ्रांस तक की कला और आवाज़ की यात्रा, इस विषय में रुचि रखने वाले किसी दोस्त के साथ समझने लायक संदर्भ देती है।

पर्सेपोलिस लेखिका मरजाने सत्रापी का निधन कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
फ्रांसीसी-ईरानी लेखिका और फिल्म निर्देशक मरजाने सत्रापी का 4 जून, 2026 को पेरिस में 56 साल की उम्र में निधन हो गया। वह 'पर्सेपोलिस' नामक आत्मकथात्मक ग्राफिक उपन्यास और उसकी फिल्म अनुकूलन के लिए विशेष रूप से जानी जाती थीं, जिसमें उन्होंने ईरान में इस्लामिक क्रांति के दौरान अपने बचपन के अनुभवों को चित्रित किया था। यह काम 2007 में ओस्कार के लिए नामांकित हुआ था।
सत्रापी का जन्म 22 नवंबर, 1969 को ईरान के रश्त शहर में हुआ था। 1983 में अध्ययन के लिए ऑस्ट्रिया गईं और बाद में फ्रांस में बस गईं। उन्होंने अपनी शिक्षा स्ट्रासबर्ग में पूरी की। वह एक सक्रिय कलाकार और महिलाओं के अधिकारों की वकील भी थीं।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने उनके निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि फ्रांसीसी संस्कृति की एक प्रमुख हस्ति का नुकसान हुआ है। उनके पति, फिल्म निर्माता और अभिनेता मटियास रिपा का एक साल पहले निधन हुआ था, जिसके बाद से वह दुख में थीं।
सत्रापी की अन्य प्रमुख फिल्मों में 'चिकन विद प्लम्स', 'द गैंग ऑफ द जोटास', 'डियर पेरिस', 'रेडियोएक्टिव' और 'द वॉयस' शामिल हैं। उनकी कला ने व्यक्तिगत और राजनीतिक अनुभवों को जोड़कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
तथ्य
- मरजाने सत्रापी का 4 जून, 2026 को पेरिस में 56 साल की उम्र में निधन हो गया।
- उनकी आत्मकथात्मक ग्राफिक उपन्यास 'पर्सेपोलिस' 2007 में ओस्कार के लिए नामांकित हुई थी।
- वह ईरान में इस्लामिक क्रांति के दौरान अपने बचपन की कहानी को लेकर प्रसिद्ध हुईं।
- फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
- उनके पति, फिल्म निर्माता मटियास रिपा का एक साल पहले निधन हुआ था।
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