
गन्ने के उत्पादन में 6.2% की बढ़ोतरी, बाढ़ के बाद भी कृषि क्षेत्र की मजबूती का संकेत, इस विषय पर नजर रखने वाले किसी सहकर्मी के लिए उपयोगी संदर्भ।

बाढ़ के बावजूद कृषि विकास 2.89% कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
पाकिस्तान के कृषि क्षेत्र ने 2025 की भीषण मानसूनी बाढ़ के बावजूद मजबूत प्रदर्शन किया, जिसमें 2.89% की विकास दर दर्ज की गई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के 1.53% के मुकाबले काफी बेहतर है। सरकार की समय पर राहत और सहायता योजनाओं ने किसानों को बहाल होने में मदद की। कृषि क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था का 23.4% हिस्सा है और 33.1% लोगों को रोजगार देता है।
इस विकास में गन्ना उत्पादन सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा। गन्ने का उत्पादन 6.2% बढ़कर 8.945 करोड़ टन (89.45 मिलियन टन) हो गया, जो पिछले वर्ष के 8.424 करोड़ टन से काफी ऊपर है। यह वृद्धि रकबे में विस्तार और प्रति हेक्टेयर उत्पादन में 3.7% की सुधार के कारण हुई। गन्ने की बढ़ोतरी ने कपास और मक्का जैसी फसलों के कमजोर प्रदर्शन की भरपाई की।
गेहूं और धान उत्पादन में भी सुधार हुआ। गेहूं का उत्पादन 4.3% बढ़कर 2.961 करोड़ टन पहुंचा, जबकि सरकार की अंतरिम गेहूं नीति, प्रमाणित बीज और उर्वरकों की उपलब्धता ने इसमें भूमिका निभाई। धान उत्पादन में भी सुधार दर्ज किया गया। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इन फसलों की बेहतर पैदावार ने बाढ़ से प्रभावित अर्थव्यवस्था को संभालने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
तथ्य
- 2025 की भीषण बाढ़ के बावजूद पाकिस्तान की कृषि विकास दर 2.89% रही, जो पिछले वर्ष के 1.53% से अधिक है।
- गन्ना उत्पादन 6.2% बढ़कर 8.945 करोड़ टन (89.45 मिलियन टन) हो गया, जो पिछले वर्ष के 8.424 करोड़ टन से अधिक है।
- गेहूं उत्पादन 4.3% बढ़कर 2.961 करोड़ टन (29.61 मिलियन टन) पहुंचा।
- कृषि क्षेत्र पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का 23.4% हिस्सा है और 33.1% लोगों को रोजगार देता है।
- सरकार ने खाद्य सुरक्षा और कृषि नीति को मजबूत करने के लिए नेशनल एग्रीकल्चर एंड फूड सिक्योरिटी काउंसिल (NAFSC) का गठन किया।
Canto का विज़ुअल न्यूज़ एक्सप्लेनर। उत्पादन में AI टूल सहायता कर सकते हैं। संपादकीय नीति





