
अंतरराष्ट्रीय क्रूड में गिरावट के बावजूद घरेलू दाम स्थिर रहे, यह संदर्भ ईंधन बिल देख रहे किसी सहकर्मी के लिए उपयोगी हो सकता है।

पेट्रोल-डीजल के दाम में आज फिर बेरुखी कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
भारत में 12 जून 2026 को पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ, भले ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में गिरावट आई हो। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के खिलाफ योजनाबद्ध हमले को रद्द करने के बाद ब्रेंट क्रूड के दाम 1.49% गिरकर 89.03 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए। फिर भी, भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई सहित प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम स्थिर रखे।
दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बना रहा। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर रहा। कोलकाता और चेन्नई में भी दाम स्थिर बने रहे। इस स्थिरता के पीछे तेल कंपनियों पर बढ़ते घाटे का दबाव है, जो क्रूड की बढ़ी कीमतों के कारण रोजाना लगभग 750 करोड़ रुपये के हैं।
पिछले मई में पेट्रोल और डीजल के दाम चार बार बढ़ाए गए थे, जिसमें पेट्रोल पर कुल 7.38 रुपये और डीजल पर 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। चुनाव के बाद यह बढ़ोतरी हुई थी। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड में आई नरमी के बावजूद घरेलू दामों में तत्काल राहत की उम्मीद कम है। भविष्य में दामों में बदलाव क्रूड के दामों के साथ-साथ रुपये-डॉलर की विनिमय दर और केंद्र व राज्यों के करों पर निर्भर करेगा।
तथ्य
- 12 जून 2026 को भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ योजनाबद्ध हमले को रद्द कर दिया, जिसके बाद ब्रेंट क्रूड के दाम 89.03 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए।
- दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के दाम पर बना रहा।
- पिछले मई में पेट्रोल और डीजल के दाम चार बार बढ़ाए गए, जिसमें पेट्रोल पर कुल 7.38 रुपये और डीजल पर 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई।
- क्रूड की ऊंची कीमतों के कारण सरकारी तेल कंपनियों को रोजाना लगभग 750 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है।
Canto का विज़ुअल न्यूज़ एक्सप्लेनर। उत्पादन में AI टूल सहायता कर सकते हैं। संपादकीय नीति





