
उपकप्तानी से हटने के बाद भी पंत का फोकस टीम पर, इस खबर की ठोस बात एक क्रिकेट फैन के साथ समझने लायक है।

पंत को नहीं चाहिए उपकप्तानी? कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर ऋषभ पंत को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए टीम में तो चुना गया है, लेकिन उपकप्तान के पद से हटा दिया गया है। यह फैसला चयनकर्ताओं का था, जिसके बाद पंत ने न तो किसी से शिकायत की और न ही नाराजगी जताई। भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने स्पष्ट किया कि पंत ने इस फैसले के खिलाफ कोई आपत्ति नहीं उठाई।
पंत पहले लखनऊ सुपर जायंट्स की आईपीएल टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं, लेकिन खराब प्रदर्शन के कारण उन्होंने वह पद छोड़ दिया था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में शुभमन गिल की चोट के कारण उन्होंने भारत की कप्तानी की, जहां टीम भारी अंतर से हार गई। इसके बाद उनके फॉर्म में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
हालांकि, पंत के टेस्ट करियर में कई मजबूत प्रदर्शन शामिल हैं। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 और एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में उन्होंने शतक और अर्धशतक जड़े। लेकिन चोट और फॉर्म के कारण उन्हें लगातार टीम से बाहर रहना पड़ा। अब टीम प्रबंधन उम्मीद कर रहा है कि वह परिस्थिति के अनुसार अपनी बल्लेबाजी को ढालें और टीम के लिए योगदान दें।
तथ्य
- 28 साल के ऋषभ पंत को अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट के लिए उपकप्तान पद से हटा दिया गया है।
- सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने कहा कि पंत ने इस फैसले के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की।
- पंत ने लखनऊ सुपर जायंट्स की आईपीएल कप्तानी भी खराब प्रदर्शन के कारण छोड़ी थी।
- पंत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में भारत की कप्तानी की थी, जो टीम की भारी हार में समाप्त हुई।
- टीम प्रबंधन उम्मीद कर रहा है कि पंत परिस्थिति के अनुसार अपनी बल्लेबाजी ढालें।
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