
एक पिता के दर्द और आस्था की यह बात, इस विषय पर नजर रखने वाले किसी दोस्त के साथ समझने लायक संदर्भ देती है।

शेखर सुमन: बेटे की आवाज सुनते हैं कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
अभिनेता शेखर सुमन ने अपने बेटे आयुष की 1995 में 11 साल की उम्र में हुई मौत के बाद के दर्द और आध्यात्मिक अनुभवों के बारे में खुलकर बात की है। आयुष दुर्लभ हृदय रोग एंडोमायोकार्डियल फाइब्रोसिस से पीड़ित थे, जिसका पता उनके डॉक्टर दादा ने लक्षण देखकर लगाया था। शेखर ने बताया कि आज भी वे बेटे की आवाज सुनते हैं और उनकी मौजूदगी महसूस करते हैं।
2009 में, उनकी पत्नी अल्का काशी विश्वनाथ मंदिर गई थीं, जहां एक अजनबी ने आयुष की आवाज में कहा, 'इतने से मेरा क्या होगा?' — यह वाक्य आयुष घर पर अक्सर बोलता था। इस घटना ने परिवार को यकीन दिलाया कि आयुष अभी भी उनके साथ है।
कई पुजारी और ज्योतिषी ने भविष्यवाणी की है कि आयुष अध्ययन सुमन के बेटे के रूप में पुनर्जन्म लेंगे। शेखर सुमन इस पल का इंतजार कर रहे हैं और आज भी बेटे की यादों के साथ जीते हैं।
तथ्य
- शेखर सुमन के बेटे आयुष की 11 साल की उम्र में 1995 में मौत हो गई थी।
- आयुष एंडोमायोकार्डियल फाइब्रोसिस नामक दुर्लभ हृदय रोग से पीड़ित थे।
- 2009 में, शेखर सुमन की पत्नी अल्का को काशी विश्वनाथ मंदिर के पास एक अजनबी ने आयुष की आवाज में बात करते हुए सुनाई दिया।
- कई पुजारी और ज्योतिषी ने भविष्यवाणी की है कि आयुष अध्ययन सुमन के बेटे के रूप में पुनर्जन्म लेंगे।
- शेखर सुमन आज भी बेटे की आवाज सुनने और उनकी उपस्थिति महसूस करने का दावा करते हैं।
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