सुजलॉन एनर्जी का लोगो और सेबी के जुर्माने के खिलाफ कानूनी लड़ाई की ओर इशारा करता एक तराजू
सुजलॉन एनर्जी का लोगो और सेबी के जुर्माने के खिलाफ कानूनी लड़ाई की ओर इशारा करता एक तराजू

सेबी के जुर्माने का फैसला वापस लेने के बाद अब कानूनी लड़ाई की राह, इस विषय में अपडेट रखने वाले किसी दोस्त के लिए यह संदर्भ उपयोगी हो सकता है।

सुजलॉन ने सेबी के 29 करोड़ जुर्माने को चुनौती कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के 28.95 करोड़ रुपये के जुर्माने के आदेश के खिलाफ प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) में अपील करने की घोषणा की है। यह जुर्माना कंपनी और उसके प्रवर्तकों पर 2013-14 से 2017-18 के बीच वित्तीय विवरणों में गलत या भ्रामक जानकारी देने के आरोप में लगाया गया था। इससे पहले, 27 जून 2025 को सेबी ने इन आरोपों में सुजलॉन एनर्जी, विनोद आर तांती, गिरीश आर तांती और पूर्व सीएफओ कीर्ति जे वागड़ी तथा अमित अग्रवाल को दोषमुक्त कर दिया था और कोई जुर्माना नहीं लगाया था। हालांकि, 29 मई 2026 को सेबी ने अपने पिछले फैसले को रद्द कर दिया और कुल 28.95 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। इसमें सुजलॉन एनर्जी पर 15.95 करोड़, विनोद तांती पर 5.75 करोड़, गिरीश तांती पर 5.45 करोड़, कीर्ति वागड़ी पर 1.5 करोड़ और अमित अग्रवाल पर 30 लाख रुपये शामिल हैं। अब कंपनी सैट में इस आदेश के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू करने जा रही है, जिससे वित्तीय पारदर्शिता और नियामक अधिकारों पर बहस फिर से तेज हो सकती है।

तथ्य

  • सुजलॉन एनर्जी ने 29 मई 2026 को सेबी द्वारा लगाए गए 28.95 करोड़ रुपये के जुर्माने के खिलाफ सैट में अपील करने की घोषणा की।
  • सेबी ने 27 जून 2025 को कंपनी और नेताओं को दोषमुक्त किया था, लेकिन 29 मई 2026 को उस फैसले को रद्द कर जुर्माना लगाया।
  • जुर्माना 2013-14 से 2017-18 के बीच वित्तीय विवरणों में गलत जानकारी देने के आरोप में लगाया गया।
  • सुजलॉन एनर्जी पर 15.95 करोड़ रुपये, विनोद तांती पर 5.75 करोड़, गिरीश तांती पर 5.45 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।
  • पूर्व सीएफओ कीर्ति वागड़ी पर 1.5 करोड़ और अमित अग्रवाल पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

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