
शेयर की कीमत में गिरावट दिख रही है, लेकिन निवेशकों के पोर्टफोलियो में वैल्यू नहीं घटी, इस बात को देख रहे किसी सहकर्मी के लिए यह संदर्भ उपयोगी हो सकता है।

ट्रेंट शेयर 33% गिरा, लेकिन निवेशकों को फायदा कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयर में 33% से अधिक की गिरावट गुरुवार को देखी गई, जो बोनस शेयर जारी करने के बाद कीमत समायोजन का परिणाम है। बोनस इश्यू के तहत, शेयरधारकों को हर दो शेयरों पर एक अतिरिक्त बोनस शेयर मिला, जिसके चलते शेयर की कीमत 4,258.10 रुपये से घटकर 2,833.45 रुपये पर आ गई। यह गिरावट वास्तविक नुकसान नहीं, बल्कि बाजार मूल्य के पुनर्वितरण का हिस्सा है।
कंपनी का यह बोनस इश्यू 1:2 के अनुपात में था, जिसके लिए 4 जून को 'एक्स-बोनस' तिथि निर्धारित की गई। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों के पास 4 जून को शेयर थे, उन्हें अतिरिक्त शेयर मिले। बोनस इश्यू से निवेशकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ती है, लेकिन कंपनी की कुल बाजार पूंजी और निवेशक की कुल वैल्यू अपरिवर्तित रहती है।
ट्रेंट ने पिछले एक साल में 15.5% का रिटर्न दिया है, जो Nifty 50 के 4.9% की गिरावट के मुकाबले मजबूत प्रदर्शन है। यह बोनस इश्यू कंपनी के लिस्टिंग के बाद चौथा है, जिसमें पिछला बोनस लगभग तीन दशक पहले दिया गया था। ब्रोकरेज फर्म HSBC ने ट्रेंट पर 'खरीदें' रेटिंग बनाए रखी है और 4,910 रुपये प्रति शेयर का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो बोनस समायोजन से पहले के स्तर पर आधारित है।
तथ्य
- ट्रेंट के शेयर की कीमत 4 जून 2026 को बोनस इश्यू समायोजन के बाद 33% गिर गई, 4,258.10 रुपये से घटकर 2,833.45 रुपये पर आ गई।
- ट्रेंट ने 1:2 के अनुपात में बोनस शेयर जारी किए, जिसके तहत शेयरधारकों को हर दो शेयरों पर एक अतिरिक्त शेयर मिला।
- यह बोनस इश्यू कंपनी के लिस्टिंग के बाद चौथा है, पिछला बोनस लगभग 30 साल पहले दिया गया था।
- HSBC ने ट्रेंट पर 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है और बोनस से पहले के आधार पर 4,910 रुपये प्रति शेयर का टार्गेट प्राइस दिया है।
- पिछले एक साल में ट्रेंट के शेयर में 15.5% की बढ़त हुई, जबकि Nifty 50 में 4.9% की गिरावट आई।
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