
अमेरिका और ईरान के बीच डील की घोषणा तक इजरायल को न बताना, इस तनाव को देख रहे किसी दोस्त के साथ समझने लायक संदर्भ देता है।

ट्रंप ने नेतन्याहू को नहीं बताया ईरान डील का कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ होने वाले सैन्य हमले को रद्द करते हुए एक समझौते की घोषणा की, जिसके बारे में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को पहले कोई जानकारी नहीं थी। दोनों देश हाल में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में साथ थे, लेकिन इस बार अमेरिका ने इजरायल को परामर्श में शामिल नहीं किया। ट्रंप की घोषणा के बाद दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई, लेकिन इजरायल ने स्पष्ट किया कि वह इस समझौते का हिस्सा नहीं है।
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि नेतन्याहू ने ट्रंप की उस प्रतिबद्धता की सराहना की जिसमें ईरान के परमाणु संवर्धन के बुनियादी ढांचे को खत्म करना, मिसाइल उत्पादन पर सीमा लगाना और क्षेत्र में आतंकवादी समूहों को समर्थन रोकना शामिल है। फिर भी, इजरायल की ओर से इस बात पर जोर दिया गया कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकता रहेगा।
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर कहा कि जब तक वह प्रधानमंत्री हैं, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप के साथ इस मुद्दे पर उनकी पूरी सहमति है। यह घटना दोनों सहयोगी देशों के बीच रणनीतिक अंतर को उजागर करती है, खासकर जब अमेरिका ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया बिना अपने सबसे करीबी सहयोगी को सूचित किए।
तथ्य
- 2026 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले को रद्द कर दिया और एक समझौते की घोषणा की।
- इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ट्रंप की घोषणा से पहले कोई सूचना नहीं दी गई थी।
- नेतन्याहू ने घोषणा के बाद ट्रंप से बात की और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने की प्रतिबद्धता दोहराई।
- इजरायल ने स्पष्ट किया कि वह ईरान के साथ होने वाले समझौते का हिस्सा नहीं है।
- नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर कहा कि जब तक वह पीएम हैं, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।
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