
वैभव की यह उड़ान, इस उम्र में भी नियमित अभ्यास के महत्व को दिखाती है, एक युवा क्रिकेट प्रेमी दोस्त के लिए यह संदर्भ खास हो सकता है।

15 साल का यह बल्लेबाज कैसे बना स्टार? कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
वैभव सूर्यवंशी, महज 15 साल के उम्र में, आईपीएल के पिछले सत्र में 776 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर बने और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय दौरे के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी, लेकिन इसके पीछे छुपी है छह साल की कठिन मेहनत की कहानी। उनके बचपन के कोच मनीष ओझा ने बताया कि वैभव ने 10 साल की उम्र से रोजाना लगभग 100 ओवर तक बल्लेबाजी की, जिसमें थ्रोडाउन, नेट सत्र और बॉलिंग मशीन शामिल थी। अभ्यास सुबह 7:30 बजे से शाम चार बजे तक चलता था।
इस मेहनत के पीछे न सिर्फ वैभव का समर्पण था, बल्कि उनके माता-पिता संजीव और आरती का भी बड़ा योगदान रहा। उनकी मां रोज सुबह दो-ढाई बजे उठकर कई लोगों के लिए खाना तैयार करती थीं। ओझा ने बताया कि वैभव के पिता ने उन पर भरोसा किया, जब वे एक अनुभवहीन कोच थे। वैभव की अकादमी तक की ढाई घंटे की यात्रा भी उनके समर्पण का हिस्सा थी।
कोच ओझा का मानना है कि लगातार अभ्यास ने वैभव में मजबूत मांसपेशी स्मृति विकसित की, जो उनकी तकनीक और फॉलो-थ्रू में दिखती है। अब वैभव पूरे भारत में युवा खिलाड़ियों के लिए एक आदर्श बन गए हैं, जिससे अकादमियों में छोटे बच्चों के लिए माता-पिता की रुचि बढ़ी है।
तथ्य
- 15 साल के वैभव सूर्यवंशी आईपीएल के पिछले सत्र में 237 की स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे।
- वैभव ने 10 साल की उम्र से रोजाना लगभग 100 ओवर बल्लेबाजी का अभ्यास किया, जो दिन में 8 घंटे तक चलता था।
- वैभव को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय दौरे के लिए भारतीय टीम में चुना गया।
- उनके कोच मनीष ओझा ने बताया कि वैभव की मां रोज सुबह दो बजे उठकर कई लोगों के लिए खाना बनाती थीं।
- वैभव के पिता ने उनकी प्रशिक्षण अकादमी तक ढाई घंटे की यात्रा के बावजूद उनका समर्थन जारी रखा।
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