
विनेश फोगाट के ट्रायल में भाग लेने के बाद मामला निष्फल हो गया, यह बदलाव आगे भी ध्यान खींच सकता है, खासकर उस दोस्त के लिए जो शीर्षक से आगे की बात देखना चाहता है।

विनेश के ट्रायल में हंगामा? सुप्रीम कोर्ट ने WFI को झटका दिया कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने विनेश फोगाट को एशियाई खेलों 2026 के चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति देने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया, क्योंकि विनेश को पहले ही ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दे दी गई थी और वह प्रतिस्पर्धा में शामिल हो चुकी थीं। अदालत ने कहा कि घटनाक्रमों के बाद यह मामला अब निरर्थक हो गया है। WFI के वरिष्ठ अधिवक्ता डी एन गोवर्धन ने अदालत को बताया कि विनेश ने ट्रायल में हिस्सा लिया, लेकिन सफल नहीं हुईं और उन्होंने 'काफी हंगामा' किया। उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय की उन टिप्पणियों को हटाने की मांग की जिनमें महासंघ के फैसलों को दुर्भावनापूर्ण बताया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इन टिप्पणियों पर विचार करने से इनकार कर दिया और मामले को निष्प्रभावी मानकर बंद कर दिया। इस फैसले से WFI को कानूनी स्तर पर झटका लगा है, जबकि विनेश फोगाट के लिए चयन प्रक्रिया में भाग लेने का रास्ता साफ हो गया, भले ही वह अंततः चयनित न हुईं।
तथ्य
- 29 मई 2026 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने विनेश फोगाट को एशियाई खेलों 2026 के चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी।
- WFI ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
- 4 जून 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने WFI की याचिका को निष्प्रभावी मानकर खारिज कर दिया।
- WFI के वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि विनेश फोगाट ट्रायल में सफल नहीं हुईं लेकिन 'काफी हंगामा' किया।
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि घटनाक्रमों के बाद मामला अब निरर्थक हो गया है।
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