एक भारतीय टेक कंपनी Zoho के चीन में 25 साल के सफर को दर्शाता वेबटून, जिसमें चीनी भाषा में सॉफ्टवेयर, स्थानीय कर्मचारी और डेटा सेंटर्स दिखाए गए हैं।
एक भारतीय टेक कंपनी Zoho के चीन में 25 साल के सफर को दर्शाता वेबटून, जिसमें चीनी भाषा में सॉफ्टवेयर, स्थानीय कर्मचारी और डेटा सेंटर्स दिखाए गए हैं।

चीन में 25 साल का सफर, एक ऐसी कहानी जो किसी टेक उद्यमी के साथ देखने लायक है।

25 साल में Zoho ने चीन में कैसे बनाई धाक? कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी Zoho ने चीन में 25 साल से अधिक समय तक व्यवसाय करते हुए एक मजबूत मौजूदगी स्थापित की है। कंपनी के संस्थापक श्रीधर वेम्बु ने खुलासा किया कि Zoho चीन में कई कार्यालयों में 300 से अधिक कर्मचारियों के साथ काम कर रही है। चीनी ग्राहकों की जरूरतों को समझने के लिए कंपनी ने अपने सॉफ्टवेयर को पूरी तरह स्थानीयकृत किया है। Zoho ने चीनी डेटा सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए देश के भीतर दो डेटा सेंटर्स भी स्थापित किए हैं। इससे चीनी उपयोगकर्ताओं के डेटा को स्थानीय रूप से सुरक्षित रखा जा सकता है। यह रणनीति कंपनी को चीन के कठोर विनियमन वातावरण में टिके रहने में मदद करी है। Zoho की चीन में मौजूदगी भारतीय टेक उद्यमिता के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। कंपनी ने न केवल चीनी बाजार में प्रवेश किया, बल्कि वहां लंबे समय तक टिके रहने के लिए स्थानीय जरूरतों को समझने और निवेश करने पर ध्यान केंद्रित किया।

तथ्य

  • Zoho चीन में पिछले 25 सालों से काम कर रही है।
  • कंपनी के चीन में कई कार्यालय हैं जहां 300 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं।
  • Zoho ने चीनी ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार अपने सॉफ्टवेयर को स्थानीयकृत किया है।
  • चीन में उपयोगकर्ता डेटा को स्थानीय रूप से सुरक्षित रखने के लिए कंपनी ने दो डेटा सेंटर्स स्थापित किए हैं।

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