
इथेनॉल से बिजली बनाने की यह तकनीक अक्षय ऊर्जा के भविष्य को बदल सकती है, इस विषय में रुचि रखने वाले किसी सहकर्मी के लिए यह संदर्भ उपयोगी हो सकता है।

ब्राजील ने बनाया दुनिया का पहला इथेनॉल इंजन कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
ब्राजील के वैज्ञानिकों ने दुनिया का पहला इथेनॉल-आधारित इंजन विकसित किया है जो गन्ने से बने बायोफ्यूल पर चलकर बिजली पैदा करेगा। यह इंजन सुआपे II पावर प्लांट में स्थापित किया गया है और फिनलैंड की टेक कंपनी वार्ट्सिला द्वारा विकसित 32M इंजन का संशोधित संस्करण है। इसका उद्देश्य अक्षय ऊर्जा स्रोतों के अस्थिर होने की समस्या को दूर करना है, क्योंकि इथेनॉल को स्टोर और परिवहन करना सौर या पवन ऊर्जा की तुलना में आसान है।
इस प्रोजेक्ट को ब्राजील के पेरनामबुको में स्थित सुआपे एनर्जिया और वार्ट्सिला ने मिलकर विकसित किया है। अगले कुछ वर्षों में इंजन के प्रदर्शन, टिकाऊपन और उत्सर्जन स्तर का परीक्षण किया जाएगा। ब्राजील दुनिया का सबसे बड़ा इथेनॉल उत्पादक और उपभोक्ता है, जिसने इस ईंधन के लिए एक मजबूत आपूर्ति ढांचा विकसित किया है।
इथेनॉल इंजन का उपयोग पावर ग्रिड को तब भी बिजली देने में किया जा सकता है जब सौर या पवन ऊर्जा उपलब्ध नहीं होती। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, 2030 तक वैश्विक बायोएनर्जी उत्पादन में तेजी से वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे इस तकनीक के भविष्य को और मजबूती मिलती है।
तथ्य
- ब्राजील के वैज्ञानिकों ने 2026 में दुनिया का पहला इथेनॉल इंजन विकसित किया है।
- इंजन सुआपे II पावर प्लांट, पेरनामबुको, ब्राजील में स्थापित है और वार्ट्सिला के 32M इंजन का संशोधित संस्करण है।
- इथेनॉल को स्टोर और परिवहन करना सौर या पवन ऊर्जा की तुलना में आसान है, जिससे ग्रिड स्थिरता में मदद मिलेगी।
- ब्राजील दुनिया का सबसे बड़ा इथेनॉल उत्पादक और उपभोक्ता है।
- अगले कुछ वर्षों में इंजन के प्रदर्शन, टिकाऊपन और उत्सर्जन स्तर का परीक्षण किया जाएगा।
- अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, 2030 तक वैश्विक बायोएनर्जी उत्पादन में तेजी से वृद्धि होगी।
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