
Nifty के टारगेट में कमी, लेकिन 12% उछाल की उम्मीद बनी हुई है, इस बाजार रुख को देख रहे किसी निवेशक के लिए यह संदर्भ उपयोगी है।

Citi ने Nifty का टारगेट घटाया कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म सिटीग्रुप (Citi) ने भारतीय शेयर बाजार के लिए अपने Nifty50 टारगेट में कटौती की है, 27,000 से घटाकर 26,000 कर दिया गया है। इसके पीछे वैश्विक जियो-राजनीतिक तनाव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत की सीमित भागीदारी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की कमजोर उपस्थिति को वजह बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक इमर्जिंग मार्केट फंड्स में भारत का अलॉटमेंट पिछले कई सालों के निचले स्तर पर है।
फिर भी, Citi ने घरेलू मांग को मजबूत बताया है, जिसमें उपभोक्ता खर्च और आर्थिक गतिविधियां बाजार को समर्थन दे रही हैं। विदेशी निवेशकों की वर्तमान कमजोर स्थिति भविष्य में निवेश बढ़ने की संभावना भी बनाए रखती है, अगर वैश्विक परिस्थितियां सुधरती हैं। इस बीच, घरेलू निवेशक बाजार के लिए प्रमुख समर्थन बने हुए हैं।
Citi ने फाइनेंस, टेलीकॉम, हेल्थकेयर, डिफेंस और यूटिलिटी सेक्टर को पसंदीदा बताया है, जबकि आईटी सर्विसेज, कंज्यूमर स्टेपल्स और मेटल सेक्टर को कम आकर्षक माना है। फर्म ने हाल ही में हिटाची एनर्जी को अपनी प्रमुख पसंदीदा शेयर सूची में शामिल किया है।
तथ्य
- Citi ने Nifty50 के लिए अपना टारगेट 27,000 से घटाकर 26,000 कर दिया है।
- रिपोर्ट में जियो-राजनीतिक तनाव, AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत की सीमित भूमिका और FII निवेश में कमी को कारण बताया गया है।
- भारत का वैश्विक इमर्जिंग मार्केट फंड्स में हिस्सा पिछले कई सालों के निचले स्तर पर है।
- घरेलू मांग और डोमेस्टिक निवेशकों का पैसा बाजार को समर्थन दे रहा है।
- Citi ने फाइनेंस, टेलीकॉम, हेल्थकेयर, डिफेंस और यूटिलिटी सेक्टर को पसंदीदा बताया है।
- हिटाची एनर्जी को Citi की प्रमुख पसंदीदा शेयर सूची में शामिल किया गया है।
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