
यह ब्लैक होल आकाशगंगा के केंद्र से बाहर है, इस विषमता को देख रहे किसी दोस्त के लिए समझने लायक संदर्भ है।

60 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर घूम रहा है 'ब्रह्मांडीय शार्क' कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
नासा ने पृथ्वी से लगभग 60 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर एक असामान्य सुपरमैसिव ब्लैक होल की खोज की है, जिसे 'ब्रह्मांडीय शार्क' कहा जा रहा है। इस ब्लैक होल, AT2024tvd, का द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान का लगभग एक मिलियन गुना है। यह आम ब्लैक होल की तरह आकाशगंगा के केंद्र में स्थित नहीं है, बल्कि अपनी मेजबान आकाशगंगा के भीतर घूम रहा है और आसपास के तारों को निगल रहा है।
इस ब्लैक होल की स्थिति वैज्ञानिकों के लिए रहस्य बनी हुई है। यह आकाशगंगा के केंद्र से लगभग 2,600 प्रकाश वर्ष दूर है। खगोलविदों के पास इसकी व्याख्या के लिए दो संभावनाएँ हैं। पहली यह कि यह तीन-पिंड गुरुत्वाकर्षण प्रणाली के कारण बाहर धकेला गया, जहाँ दो अन्य ब्लैक होल के साथ टकराव में यह अपने स्थान से विचलित हुआ।
दूसरी संभावना यह है कि यह एक छोटी आकाशगंगा का अवशेष है जो एक अरब साल पहले विलय कर चुकी है। इस मॉडल के अनुसार, यह ब्लैक होल धीरे-धीरे केंद्र की ओर सर्पिलाकार गति से बढ़ रहा है और भविष्य में मुख्य ब्लैक होल में विलीन हो सकता है। इस खोज से आकाशगंगाओं के विलय और ब्लैक होल गतिशीलता की समझ बढ़ेगी।
तथ्य
- नासा ने पृथ्वी से 600 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर ब्लैक होल AT2024tvd की खोज की।
- यह ब्लैक होल आकाशगंगा के केंद्र से लगभग 2,600 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है।
- इसका द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान का लगभग 1 मिलियन गुना है।
- खगोलविदों के पास इसकी स्थिति की व्याख्या के लिए दो परिकल्पनाएँ हैं: तीन-ब्लैक होल गुरुत्वाकर्षण लड़ाई या एक विलय कर चुकी आकाशगंगा का अवशेष।
- यह ब्लैक होल अपने आसपास के तारों को निगल रहा है।
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