चार भारतीय मूल के फुटबॉलर — सरप्रीत सिंह, निशान वेलुपिल्लै, तहसीन मोहम्मद जमशेद और सैमुअल मूटुस्सामी — फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अलग-अलग देशों की ओर से खेलते हुए।
चार भारतीय मूल के फुटबॉलर — सरप्रीत सिंह, निशान वेलुपिल्लै, तहसीन मोहम्मद जमशेद और सैमुअल मूटुस्सामी — फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अलग-अलग देशों की ओर से खेलते हुए।

भारतीय मूल के चार खिलाड़ी वर्ल्ड कप में अलग-अलग झंडों के तहत खेल रहे हैं, यह संदर्भ एक फुटबॉल प्रशंसक के लिए खास हो सकता है।

वर्ल्ड कप में भारतीय मूल के ये चार खिलाड़ी कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय फुटबॉल टीम की अनुपस्थिति के बीच, भारतीय मूल के चार खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मैदान पर नजर आ रहे हैं। ये खिलाड़ी अलग-अलग देशों की राष्ट्रीय टीमों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं — सरप्रीत सिंह (न्यूजीलैंड), निशान वेलुपिल्लै (ऑस्ट्रेलिया), तहसीन मोहम्मद जमशेद (कतर) और सैमुअल मूटुस्सामी (डीआर कांगो)। इनमें से कुछ ने यूरोपीय क्लब फुटबॉल में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

सरप्रीत सिंह ने बायर्न म्यूनिख के लिए बुंडेसलीगा में खेलकर इतिहास रचा, जबकि तहसीन जमशेद कतर के लिए विंगर के रूप में खेल रहे हैं और उन्होंने भारत के खिलाफ भी क्वालीफायर मैच में खेला। निशान वेलुपिल्लै ने ऑस्ट्रेलिया के लिए सात मैचों में तीन गोल किए हैं, जबकि सैमुअल मूटुस्सामी डीआर कांगो के लिए 57 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं।

फीफा के नियमों के तहत, खिलाड़ी अपने माता-पिता या दादा-दादी के देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं, जिसके चलते ये खिलाड़ी भारत के बजाय अन्य राष्ट्रों के लिए खेल रहे हैं। इनकी उपस्थिति वैश्विक फुटबॉल में भारतीय मूल के प्रभाव को दर्शाती है, भले ही भारत खुद टूर्नामेंट में नहीं है।

तथ्य

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय मूल के चार खिलाड़ी — सरप्रीत सिंह (न्यूजीलैंड), निशान वेलुपिल्लै (ऑस्ट्रेलिया), तहसीन मोहम्मद जमशेद (कतर), और सैमुअल मूटुस्सामी (डीआर कांगो) — अलग-अलग देशों की ओर से खेल रहे हैं।
  • सरप्रीत सिंह बुंडेसलीगा में खेलने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी हैं और बायर्न म्यूनिख के लिए खेल चुके हैं।
  • तहसीन ने 2026 वर्ल्ड कप क्वालीफायर में अफगानिस्तान के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया और भारत के खिलाफ भी क्वालीफायर मैच में खेला।
  • निशान वेलुपिल्लै ने ऑस्ट्रेलिया के लिए सात मैचों में तीन गोल किए हैं, जबकि सैमुअल मूटुस्सामी डीआर कांगो के लिए 57 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं।
  • फीफा के नियमों के तहत खिलाड़ी अपने माता-पिता या दादा-दादी के देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं, बशर्ते उनके पास उस देश का पासपोर्ट हो।

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