
सोने के आयात पर नियंत्रण की दिशा में यह कदम, घरेलू रिफाइनिंग उद्योग को बढ़ावा देने वाला संदर्भ एक ज्वैलरी व्यवसायी के लिए भी उपयोगी हो सकता है।

सोने के लोन नियमों में बड़ा बदलाव? कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
भारत सरकार ने सोने के बढ़ते आयात और वित्तीय प्रणाली पर निगरानी के तहत बैंकों से 2023 से अब तक के गोल्ड लोन और गोल्ड मेटल लोन (GML) का विस्तृत डेटा मांगा है। वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे लोन की मात्रा, ग्राहकों की संख्या, गिरवी रखे गए सोने की मात्रा और अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं सहित जानकारी उपलब्ध कराएं। इस कदम के पीछे सोने से जुड़े नियमों में संभावित बदलाव की तैयारी की संभावना है।
सोना उद्योग ने सुझाव दिया है कि GML और गोल्ड ETF के लिए आयातित सोने की जगह घरेलू रिफाइनरियों में शुद्ध किए गए रिफाइंड डोरे गोल्ड बार का उपयोग किया जाए। इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और घरेलू रिफाइनिंग उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, उद्योग ने निर्यात नियमों में लचीलापन लाने की मांग की है ताकि मांग कमजोर होने पर अतिरिक्त सोना चीन या तुर्की जैसे बाजारों में निर्यात किया जा सके।
वित्त वर्ष 2025-26 में सोने का आयात 71.9 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, हालांकि मात्रा पिछले वर्ष से कम रही। इसके पीछे ऊंची कीमतें हैं। सरकार वर्तमान नीतियों की समीक्षा कर रही है और नकद भुगतान पर नियंत्रण, घरेलू रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देने और गोल्ड लोन ढांचे में सुधार जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है।
तथ्य
- सरकार ने बैंकों से 2023 से अब तक के गोल्ड लोन और गोल्ड मेटल लोन का विस्तृत डेटा मांगा है।
- वित्त वर्ष 2025-26 में सोने का आयात 71.9 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
- उद्योग ने GML और गोल्ड ETF में घरेलू रिफाइंड डोरे गोल्ड बार के उपयोग की सिफारिश की है।
- सोना उद्योग ने चीन और तुर्की जैसे बाजारों में सोने के निर्यात के लिए नियमों में लचीलापन की मांग की है।
- वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने बैंकों को लोन डेटा जल्द उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
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