
HAL का मजबूत ऑर्डर बुक और घरेलू निवेश में बढ़ोतरी, रक्षा क्षेत्र में रुचि रखने वाले किसी सहकर्मी के लिए जानकारीपूर्ण संदर्भ देती है।

HAL शेयर आधे मूल्यांकन पर, ऑर्डर बुक ₹2.55 लाख करोड़ कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत की प्रमुख रक्षा एयरोस्पेस कंपनी, वर्तमान में उद्योग के औसत मूल्यांकन के आधे पर व्यापार कर रही है। कंपनी का मूल्य-से-आय (PE) अनुपात 30.9 गुना है, जबकि रक्षा क्षेत्र का औसत PE 62.1 गुना है। इसके बावजूद, HAL के पास ₹2.55 लाख करोड़ की रिकॉर्ड ऑर्डर बुक है, जो दीर्घकालिक राजस्व स्थिरता का संकेत देती है।
कंपनी ने FY26 में ₹33,050 करोड़ का राजस्व और ₹12,112 करोड़ का कर पूर्व लाभ (PBT) दर्ज किया। प्रबंधन FY27 में 10-12% राजस्व वृद्धि की उम्मीद जता रहा है, जिसे तेजस Mk1A और HTT-40 विमानों की डिलीवरी से समर्थन मिल रहा है। आगे, HAL 2030 तक ₹12,000 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रहा है, जिसमें LCA Mk-II, IMRH हेलिकॉप्टर, GE-414 इंजन और SSLV निर्माण शामिल हैं।
शेयरधारकता में भी बदलाव देखा गया है। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की हिस्सेदारी मार्च 2026 तिमाही में बढ़कर 10.43% हो गई, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की हिस्सेदारी घटकर 10.21% रह गई। प्रमोटर्स ने 71.64% हिस्सेदारी बरकरार रखी। यह संकेत देता है कि घरेलू निवेशकों का विश्वास बढ़ रहा है, भले ही शेयर की कीमत पिछले एक वर्ष में 17.45% गिरी हो।
तथ्य
- हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स का PE अनुपात 30.9 गुना है, जबकि रक्षा उद्योग का औसत 62.1 गुना है।
- HAL की ऑर्डर बुक FY26 में बढ़कर ₹2.55 लाख करोड़ हो गई।
- मार्च 2026 तिमाही में DII हिस्सेदारी 9.68% से बढ़कर 10.43% हो गई।
- FY26 में HAL का राजस्व ₹33,050 करोड़ और PBT ₹12,112 करोड़ रहा।
- प्रबंधन FY27 में 10-12% राजस्व वृद्धि की उम्मीद जता रहा है।
- HAL 2030 तक ₹12,000 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रहा है।
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