
आयात दरों में बार-बार बदलाव की रणनीति, इस विषय को देख रहे किसी दोस्त या सहकर्मी के साथ समझने लायक संदर्भ देती है।

सोना-चांदी की आयात कीमत में फिर बढ़ोतरी कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
भारत सरकार ने सोने और चांदी की बेस इंपोर्ट कीमतों में फिर से बढ़ोतरी की है, जिससे सोने का नया दर 1,348 डॉलर प्रति 10 ग्राम और चांदी का 2,175 डॉलर प्रति किलोग्राम हो गया है। यह कदम विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए उठाया गया है। इससे पहले, सरकार ने तीन दिन पहले ही इन कीमतों में कटौती की थी, लेकिन बाजार की स्थिति को देखते हुए फिर बढ़ोतरी करनी पड़ी।
चांदी के आयात पर भी नियम सख्त किए गए हैं। अब चांदी के आयात के लिए DGFT की पूर्व अनुमति अनिवार्य है, चाहे आयात बैंकों या RBI द्वारा नामित एजेंसियों के माध्यम से क्यों न किया जा रहा हो। चांदी के आयात को 'फ्री' श्रेणी से हटाकर 'प्रतिबंधित' श्रेणी में डाल दिया गया है।
पिछले दो महीनों में यह दूसरा मौका है जब सरकार ने सोने और चांदी पर आयात से जुड़े नियमों को सख्त किया है। पिछले महीने ही आयात शुल्क 15% तक बढ़ा दिया गया था। इन उपायों का मकसद विदेशी मुद्रा के बहिर्गमन को रोकना और भुगतान संतुलन में स्थिरता लाना है।
तथ्य
- सोने की बेस इंपोर्ट कीमत में 5 डॉलर प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है, नया दर 1,348 डॉलर प्रति 10 ग्राम है।
- चांदी की बेस इंपोर्ट कीमत में 83 डॉलर प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है, नया दर 2,175 डॉलर प्रति किलोग्राम है।
- सरकार ने चांदी के आयात को 'फ्री' श्रेणी से हटाकर 'प्रतिबंधित' श्रेणी में डाल दिया है।
- चांदी का आयात अब केवल DGFT की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा।
- यह निर्णय विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के लिए लिया गया है।
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