
अंतरतारकीय यात्रा अभी विज्ञान-कथा जैसी लगती है, लेकिन एक दिन यह हकीकत बन सकती है — इस विज्ञान को देख रहे किसी दोस्त के लिए उपयोगी संदर्भ।

इंसान अंतरतारकीय यात्रा के लिए कितना तैयार है? कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
नासा ने अब तक 6,000 से अधिक एक्सोप्लैनेट या अन्य तारों के ग्रहों की खोज कर ली है, जिनमें कुछ पृथ्वी जैसी परिस्थितियों वाले भी हैं। इन ग्रहों पर जीवन की संभावना तो मानी जाती है, लेकिन अभी तक कहीं भी एलियन जीवन के ठोस सबूत नहीं मिले हैं। इंसानों के लिए इन ग्रहों तक पहुंचना अभी असंभव लगता है, क्योंकि सबसे नजदीकी तारे प्रॉक्सिमा सेंटॉरी तक की दूरी लगभग 4.25 प्रकाश वर्ष यानी करीब 40 लाख करोड़ किलोमीटर है।
मानव निर्मित सबसे तेज यान पार्कर सोलर प्रोब की गति 192 किमी प्रति सेकंड है, जो प्रकाश की गति का सिर्फ 0.064% है। इस गति से भी प्रॉक्सिमा सेंटॉरी तक पहुंचने में 6,000 से 7,000 साल लग सकते हैं। मानव यात्रा के लिए भोजन, पानी, ऑक्सीजन और चिकित्सा संसाधनों के साथ एक विशाल यान की जरूरत होगी, जिसे तेज गति पर ले जाने के लिए भारी ऊर्जा और ईंधन की आवश्यकता होगी।
इंसान अचानक उच्च गति को सहन नहीं कर पाते, इसलिए यान को धीरे-धीरे त्वरित करना होगा, जिसमें सदियों लग सकते हैं। इसके अलावा, अंतरिक्ष में उड़ती धूल और छोटे पत्थर भी उच्च गति पर यान के लिए खतरनाक हो सकते हैं। इसलिए वैज्ञानिक फिलहाल रोबोटिक मिशन और न्यूक्लियर थर्मल इंजन जैसी उन्नत तकनीकों पर शोध कर रहे हैं, जो भविष्य में अंतरतारकीय यात्रा को संभव बना सकती हैं।
तथ्य
- नासा ने अब तक 6,000 से अधिक एक्सोप्लैनेट खोजे हैं।
- पृथ्वी के सबसे नजदीकी तारे प्रॉक्सिमा सेंटॉरी की दूरी लगभग 4.25 प्रकाश वर्ष है।
- पार्कर सोलर प्रोब की गति 192 किमी प्रति सेकंड है, जो प्रकाश की गति का 0.064% है।
- इस गति से प्रॉक्सिमा सेंटॉरी तक पहुंचने में 6,000 से 7,000 साल लग सकते हैं।
- अंतरिक्ष में उड़ती धूल और छोटे पत्थर उच्च गति पर यान के लिए खतरा बन सकते हैं।
- वैज्ञानिक फिलहाल रोबोटिक मिशन और न्यूक्लियर थर्मल इंजन पर शोध कर रहे हैं।
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