एक लाल बिंदु जैसा दिखने वाला दूर का आकाशीय ऑब्जेक्ट, जिसके चारों ओर घना गैस का कोकून है, पृष्ठभूमि में गैलेक्सी क्लस्टर और जेम्स वेब टेलीस्कोप की छवि के साथ।
एक लाल बिंदु जैसा दिखने वाला दूर का आकाशीय ऑब्जेक्ट, जिसके चारों ओर घना गैस का कोकून है, पृष्ठभूमि में गैलेक्सी क्लस्टर और जेम्स वेब टेलीस्कोप की छवि के साथ।

ब्रह्मांड के शुरुआती दौर के इस ब्लैक होल के बारे में जानकारी, खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले किसी सहकर्मी के लिए भी समझने लायक संदर्भ देती है।

ब्रह्मांड के रहस्यमय 'लाल बिंदु' का खुला राज कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ने ब्रह्मांड के शुरुआती दौर के एक रहस्यमय 'लिटल रेड डॉट' का खुलासा किया है। इस ऑब्जेक्ट, GLIMPSE-17775 का विश्लेषण यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के वासिली कोकोरेव की टीम ने किया, जिसमें पता चला कि यह एक सुपरमैसिव ब्लैक होल है जो घने आयनीकृत गैस के आवरण में छिपा हुआ है। यह खोज ब्लैक होल स्टार मॉडल को मजबूती देती है, जो बताता है कि ये ब्लैक होल अपने विकास के दौरान बहुत ऊर्जा उत्सर्जित करते हैं और बाद में सामान्य सक्रिय गैलेक्सी में बदल जाते हैं।

खोज की संभावना गुरुत्वाकर्षण लेंसिंग के कारण हुई, जहां गैलेक्सी क्लस्टर Abell S1063 ने पीछे छिपे GLIMPSE-17775 की छवि को बढ़ा दिया। इससे JWST को 30 घंटे के अवलोकन में 80 घंटे जितना डेटा मिला। इस डेटा में 40 से अधिक स्पेक्ट्रल लाइनें मिलीं, जिनमें आयरन की 16 लाइनें (आयरन फॉरेस्ट) और विशेष ऑक्सीजन व हीलियम लाइनें शामिल थीं, जो एक उच्च-ऊर्जा स्रोत की पुष्टि करती हैं।

इस ब्लैक होल का रेडशिफ्ट 3.5 है, जिसका अर्थ है कि यह बिग बैंग के 1.8 बिलियन साल बाद मौजूद था। इसके घने आवरण ने एक्स-रे को अवशोषित कर लिया, जिससे यह पारंपरिक टेलीस्कोप से अदृश्य रहा। बामर ब्रेक की कमजोरी को समझने के लिए हबल टेलीस्कोप के डेटा का उपयोग किया गया, जिससे पता चला कि यह ब्लॉक बड़ी होस्ट गैलेक्सी के तारों के कारण कमजोर दिख रहा था। यह खोज ब्रह्मांड के विकास के मौजूदा ढांचे को मजबूत करती है और भविष्य में गैलेक्सी विकास के मॉडल को सुधार सकती है।

तथ्य

  • जेम्स वेब टेलीस्कोप ने GLIMPSE-17775 नामक लिटल रेड डॉट का विश्लेषण कर बताया कि यह एक सुपरमैसिव ब्लैक होल है, जो घने गैस के आवरण में छिपा है।
  • इस खोज में गैलेक्सी क्लस्टर Abell S1063 के कारण हुई गुरुत्वाकर्षण लेंसिंग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसने ऑब्जेक्ट की छवि को बढ़ा दिया।
  • GLIMPSE-17775 का रेडशिफ्ट 3.5 है, जिसका अर्थ है कि यह बिग बैंग के 1.8 बिलियन साल बाद मौजूद था।
  • इस ऑब्जेक्ट के स्पेक्ट्रम में 40 से अधिक स्पेक्ट्रल लाइनें मिलीं, जिनमें आयरन की 16 लाइनें (आयरन फॉरेस्ट) शामिल थीं।
  • बामर ब्रेक की कमजोरी को समझने के लिए हबल टेलीस्कोप के डेटा का उपयोग किया गया, जिससे पता चला कि एक बड़ी होस्ट गैलेक्सी के तारों ने अतिरिक्त प्रकाश दिया।
  • यह खोज ब्लैक होल स्टार मॉडल को समर्थन देती है और ब्रह्मांड के विकास के मौजूदा सिद्धांतों को मजबूत करती है।

Canto का विज़ुअल न्यूज़ एक्सप्लेनर। उत्पादन में AI टूल सहायता कर सकते हैं। संपादकीय नीति