
इस विशाल ब्लैक होल का आकार चौंकाने वाला है, खासकर उस दोस्त के लिए जो ब्रह्मांड के रहस्यों में गहराई तक जाना चाहता है।

आकाश में रोशनी की लकीर एक विशाल ब्लैक होल है कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
वैज्ञानिकों ने पहली बार जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) का उपयोग करके एक अत्यंत दूरस्थ और निष्क्रिय अतिविशाल ब्लैक होल के द्रव्यमान को सफलतापूर्वक मापा है। यह ब्लैक होल पृथ्वी से 10 अरब प्रकाश वर्ष दूर स्थित आकाशगंगा MRG-M0138 के केंद्र में है। इसका द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान के 6 अरब गुना के बराबर है, जो ब्रह्मांड के प्रारंभिक चरणों में इतने विशाल ब्लैक होल की उपस्थिति को समझने में महत्वपूर्ण है। निष्क्रिय ब्लैक होल आमतौर पर अंधेरे होते हैं और उनका पता लगाना मुश्किल होता है, लेकिन शोधकर्ताओं ने इसके चारों ओर परिक्रमा कर रहे तारों की गति का विश्लेषण करके इसका द्रव्यमान निर्धारित किया। इस आकाशगंगा की छवि गुरुत्वाकर्षण लेंसिंग के कारण विकृत है, जिसने इसे पृथ्वी से देखने योग्य बना दिया।
तथ्य
- वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से 10 अरब प्रकाश वर्ष दूर आकाशगंगा MRG-M0138 के केंद्र में स्थित एक निष्क्रिय अतिविशाल ब्लैक होल का द्रव्यमान मापा।
- ब्लैक होल का द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान का लगभग 6 अरब गुना है।
- जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप का उपयोग करके तारों की गति के आधार पर ब्लैक होल का द्रव्यमान निर्धारित किया गया।
- आकाशगंगा की छवि गुरुत्वाकर्षण लेंसिंग के कारण विकृत है, जो इसे देखने में सहायता करती है।
- MRG-M0138 आकाशगंगा निष्क्रिय अवस्था में है, जिसका अर्थ है कि यह नए तारे नहीं बना रही है।
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