
अमेरिका की ओर से ईरान पर सैन्य दबाव बनाए रखने का संकेत, चीन के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा में एक दोस्त जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर नजर रखता है, उसके लिए यह संदर्भ उपयोगी है।

ट्रंप ने ईरान डील पर हस्ताक्षर किए, चीन को लेकर चिंता जताई कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान घोषित किया। ट्रंप ने दावा किया कि अगर अमेरिका ने पहले बी-2 बॉम्बर से ईरान पर हमला नहीं किया होता, तो ईरान के पास परमाणु बम होता। इस समझौते के बावजूद, ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने इसका पालन नहीं किया, तो बमबारी जारी रह सकती है।
ट्रंप ने चीन की बढ़ती परमाणु ताकत पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चीन तेजी से आगे बढ़ रहा है और शायद अगले पांच साल में अमेरिका के बराबर पहुंच जाएगा। वर्तमान में अमेरिका और रूस के पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं, जबकि चीन के पास लगभग 600 वॉरहेड हैं।
ट्रंप ने परमाणु हथियारों को खत्म करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समझौते का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया को इतनी तबाही की क्षमता की जरूरत नहीं है। वर्तमान में दुनिया के केवल 9 देशों के पास परमाणु हथियार हैं, जिनमें अमेरिका, रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया शामिल हैं।
तथ्य
- अमेरिका और ईरान के बीच G-7 शिखर सम्मेलन में एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
- ट्रंप ने कहा कि अगर B-2 बॉम्बर से ईरान पर हमला नहीं किया जाता, तो ईरान के पास परमाणु बम होता।
- ट्रंप ने कहा कि चीन तेजी से आगे बढ़ रहा है और शायद 5 साल में अमेरिका के बराबर पहुंच जाएगा।
- वर्तमान में चीन के पास लगभग 600 परमाणु वॉरहेड हैं।
- अमेरिका के पास 5000 से 5200 परमाणु हथियार हैं, जिनमें से 3700 तत्काल उपयोग के लिए तैयार हैं।
- ट्रंप ने परमाणु हथियारों को खत्म करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समझौते का सुझाव दिया।
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