वॉयेजर अंतरिक्ष यान की प्रतीकात्मक तस्वीर, जो अंतरिक्ष में उड़ते हुए दिखाई दे रहा है, पृथ्वी से दूर एक नीले बिंदु के रूप में दिखाई दे रहा है।
वॉयेजर अंतरिक्ष यान की प्रतीकात्मक तस्वीर, जो अंतरिक्ष में उड़ते हुए दिखाई दे रहा है, पृथ्वी से दूर एक नीले बिंदु के रूप में दिखाई दे रहा है।

एक अरब साल तक टिक सकने वाली सोने की डिस्क के साथ यह यात्रा उस दोस्त के लिए भी समझने लायक है जो ब्रह्मांड में हमारी जगह समझना चाहता है।

वॉयेजर: 50 साल बाद भी अंतरिक्ष में संदेश भेज रहा है कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य

नासा के वॉयेजर 1 और 2 अंतरिक्ष यान, जिन्हें 1977 में लॉन्च किया गया था, आज भी अंतरतारकीय अंतरिक्ष में डेटा भेज रहे हैं। इन्हें पाँच साल तक चलने के लिए बनाया गया था, लेकिन ये लगभग 50 साल बाद भी सक्रिय हैं। वॉयेजर 1 ने 2012 में सौर मंडल की सीमा पार कर अंतरतारकीय अंतरिक्ष में प्रवेश किया, जबकि वॉयेजर 2 ने 2018 में यह कदम उठाया।

इन यानों ने बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून के पास से उड़ान भरी और उनके चंद्रमाओं के बारे में अनोखी जानकारी दी। वॉयेजर 1 ने बृहस्पति के चंद्रमा आयो पर पृथ्वी के बाहर पहले सक्रिय ज्वालामुखी देखे। वहीं, वॉयेजर 2 के डेटा ने संकेत दिए कि यूरोपा की बर्फीली सतह के नीचे एक विशाल तरल महासागर हो सकता है, जहाँ जीवन की संभावना है।

1990 में, वॉयेजर 1 ने पृथ्वी की एक ऐतिहासिक तस्वीर ली, जिसे 'धुंधला नीला बिंदु' कहा गया। यह तस्वीर खगोलविद कार्ल सागन के विचार पर ली गई थी और मानवता को पृथ्वी के नाजुक अस्तित्व की याद दिलाती है। दोनों यानों पर सोने की डिस्क लगी हैं, जिनमें मानवता का संदेश, 55 भाषाओं में अभिवादन, संगीत और तस्वीरें शामिल हैं। ये डिस्क भविष्य में किसी बाहरी जीवन के लिए मानवता का परिचय पत्र हैं।

वॉयेजर मिशन ने न केवल हमारे सौर मंडल के बारे में ज्ञान बढ़ाया, बल्कि अंतरतारकीय अंतरिक्ष के अध्ययन का रास्ता भी खोला। नासा के अनुसंधानकर्ता अभी भी इन यानों से डेटा प्राप्त कर रहे हैं। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2030 के दशक तक कम से कम एक यान सक्रिय रह सकता है।

तथ्य

  • वॉयेजर 1 और 2 को 1977 में लॉन्च किया गया था, जिन्हें पाँच साल चलने के लिए बनाया गया था।
  • वॉयेजर 1 ने 2012 में सौर मंडल की सीमा पार कर अंतरतारकीय अंतरिक्ष में प्रवेश किया।
  • वॉयेजर 1 ने 1990 में पृथ्वी की 'धुंधला नीला बिंदु' तस्वीर ली, जो कार्ल सागन के विचार पर आधारित थी।
  • दोनों यानों पर सोने की डिस्क लगी हैं, जिनमें 55 भाषाओं में अभिवादन, संगीत और तस्वीरें शामिल हैं।
  • वॉयेजर 2 ने 1986 और 1989 में क्रमशः यूरेनस और नेपच्यून के पास से उड़ान भरी।
  • नासा का अनुमान है कि 2030 के दशक तक कम से कम एक वॉयेजर यान सक्रिय रह सकता है।

Canto का विज़ुअल न्यूज़ एक्सप्लेनर। उत्पादन में AI टूल सहायता कर सकते हैं। संपादकीय नीति