
निवेशकों के शेयर अब शून्य कीमत के हो गए हैं, इस बात को देख रहे किसी सहकर्मी के लिए समझने लायक संदर्भ है।

जयप्रकाश एसोसिएट्स शेयर बाजार से बाहर कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) 18 जून 2026 से भारतीय शेयर बाजार से डीलिस्ट हो रही है। इसके बाद निवेशक अब अपने शेयरों को स्टॉक एक्सचेंज पर नहीं बेच पाएंगे। कंपनी की रिजॉल्यूशन योजना को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने मंजूरी दे दी है, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारकों को उनके शेयरों के बदले कोई भुगतान नहीं मिलेगा। इसका मतलब है कि निवेशकों के लगाए गए पैसे पूरी तरह से डूब गए हैं।
अडानी समूह ने ₹14,535 करोड़ की बोली लगाकर कंपनी को खरीदा है, लेकिन यह खरीदारी सिर्फ एसेट्स और ऑपरेशन्स के लिए है, न कि मौजूदा शेयर ढांचे के लिए। पब्लिक शेयरधारकों के पास कंपनी की 71.23% हिस्सेदारी थी, जो अब शून्य मूल्य की हो गई है। ट्रेडिंग पहले से ही रुकी हुई थी, लेकिन डीलिस्टिंग के बाद यह स्थायी हो गया है।
डीलिस्टिंग के बाद, शेयरधारक केवल ओवर-द-काउंटर (OTC) बाजार में अपने शेयर बेच सकते हैं, जहां उन्हें खुद खरीदार ढूंढना होगा। चूंकि कंपनी के पुराने शेयरों का कोई आधिकारिक मूल्य नहीं रहेगा, ऐसे शेयरों के लिए खरीदार मिलना लगभग नामुमकिन है। यह मामला निवेशकों के लिए एक सबक है कि दिवालिया हो चुकी कंपनियों में निवेश अत्यधिक जोखिम भरा हो सकता है।
तथ्य
- जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड 18 जून 2026 से शेयर बाजार से डीलिस्ट हो रही है।
- NCLT ने 17 मार्च 2026 को कंपनी की रिजॉल्यूशन योजना को मंजूरी दी थी।
- पब्लिक शेयरधारकों को शेयरों के बदले कोई भुगतान नहीं मिलेगा (Zero Consideration)।
- कंपनी में 71.23% हिस्सेदारी पब्लिक के पास थी।
- अडानी समूह ने कंपनी को ₹14,535 करोड़ में खरीदा है।
- डीलिस्टिंग के बाद शेयर केवल OTC बाजार में बेचे जा सकते हैं।
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