
ब्रह्मांड के विस्तार पर नया दावा गलत साबित हुआ, इस विषय में रुचि रखने वाले किसी दोस्त के लिए स्पष्ट संदर्भ उपलब्ध है।

ब्रह्मांड का विस्तार धीमा नहीं हो रहा कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
एक नए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने पिछले साल के एक दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि ब्रह्मांड के विस्तार की गति धीमी हो रही है। इस नई शोध में नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों ने शामिलता दिखाई और साफ किया कि डार्क एनर्जी अभी भी पूरी ताकत से काम कर रही है। इससे कॉस्मिक एक्सीलरेशन की मूल थ्योरी पुनः सुदृढ़ हुई है।
कोरियाई शोधकर्ताओं ने पिछले वर्ष यह दावा किया था कि डार्क एनर्जी कमजोर पड़ रही है, लेकिन उनकी गणना में गलतियाँ मिलीं। उन्होंने यह मान लिया था कि तारे और उनकी मेजबान गैलेक्सी की उम्र एक जैसी होती है, जो आधुनिक खगोल विज्ञान के अनुसार गलत है। इसके अलावा, उन्होंने गैलेक्सी के द्रव्यमान को भी गणना में शामिल नहीं किया।
नई शोध टीम ने टाइप Ia सुपरनोवा के आधार पर डेटा का विश्लेषण किया, जो ब्रह्मांडीय दूरी मापने का एक विश्वसनीय तरीका है। इस अध्ययन ने साबित किया कि ब्रह्मांड का विस्तार अभी भी त्वरित गति से जारी है। अब वैज्ञानिकों का फोकस डार्क एनर्जी की प्रकृति को समझने पर है, न कि इसके अस्तित्व पर सवाल उठाने पर।
तथ्य
- 2011 के नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर एडम रीस और प्रोफेसर ब्रायन श्मिट नई शोध टीम का हिस्सा हैं।
- पिछले साल एक दक्षिण कोरियाई टीम ने दावा किया था कि डार्क एनर्जी कमजोर पड़ रही है।
- नई शोध रिपोर्ट ने कोरियाई टीम के दावे को गलत साबित करते हुए कहा कि ब्रह्मांड का विस्तार अभी भी तेजी से जारी है।
- कोरियाई शोधकर्ताओं ने गैलेक्सी के द्रव्यमान और उम्र को गणना में शामिल नहीं किया, जिससे उनके निष्कर्ष गलत निकले।
- डॉक्टर फिल वाइसमैन नई शोध के प्रमुख लेखक हैं।
- टाइप Ia सुपरनोवा के आधार पर डेटा के विश्लेषण से यह साबित हुआ कि डार्क एनर्जी अभी भी सक्रिय है।
Canto का विज़ुअल न्यूज़ एक्सप्लेनर। उत्पादन में AI टूल सहायता कर सकते हैं। संपादकीय नीति





