
समुद्र के नीचे का यह जीवंत राज्य, इस विषय में रुचि रखने वाले किसी दोस्त के लिए भी समझने लायक संदर्भ देता है।

समुद्र के नीचे मिली नई दुनिया कहानी का प्रवाह और मुख्य तथ्य
दक्षिण अटलांटिक महासागर की गहराइयों में वैज्ञानिकों ने एक विशाल और जीवंत मूंगा चट्टान की खोज की है। इस रीफ का आकार लगभग वैटिकन सिटी के बराबर बताया जा रहा है और यह दुर्लभ कोरल प्रजाति बैथेलिया कैंडिडा से बना है। यह अब तक की सबसे बड़ी ऐसी संरचना मानी जा रही है। शोधकर्ता मूल रूप से 'कोल्ड सीप्स' की तलाश में थे, जहां समुद्र की गहराई से गैस और खनिज निकलते हैं, लेकिन उन्हें यह जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र मिल गया।
इस क्षेत्र में जेलीफिश, ऑक्टोपस, केकड़े, मछलियां और अन्य समुद्री जीवों की बड़ी संख्या देखी गई। वैज्ञानिकों ने दुर्लभ 'जायंट फैंटम जेलीफिश' को भी देखा, जो दुनिया की सबसे कम दिखाई देने वाली प्रजातियों में से एक है। रिकॉर्ड किए गए वीडियो में रंग-बिरंगे कोरल और जीवन से भरा पारिस्थितिकी तंत्र स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
शोधकर्ताओं ने 28 ऐसी प्रजातियों के नमूने इकट्ठा किए हैं जिन्हें विज्ञान के लिए नया माना जा रहा है। अगर आगे की जांच में इनकी पुष्टि होती है, तो यह समुद्री जीव विज्ञान में एक बड़ी उपलब्धि होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी खोजें समुद्र की गहराइयों में छिपे रहस्यों को समझने में मदद करती हैं और यह दिखाती हैं कि पृथ्वी पर अभी भी कई अनसुने इलाके मौजूद हैं।
तथ्य
- वैज्ञानिकों ने दक्षिण अटलांटिक महासागर में एक विशाल कोरल रीफ की खोज की, जिसका आकार वैटिकन सिटी जितना बताया गया है।
- यह रीफ दुर्लभ कोरल प्रजाति बैथेलिया कैंडिडा से बना है और इसे अब तक का सबसे बड़ा ऐसा रीफ माना जा रहा है।
- शोधकर्ताओं ने 28 नई समुद्री प्रजातियों के नमूने इकट्ठा किए हैं, जिनकी पहचान अभी चल रही है।
- वैज्ञानिकों ने दुर्लभ 'जायंट फैंटम जेलीफिश' को भी इस क्षेत्र में देखा, जो दुनिया की सबसे कम दिखाई देने वाली जेलीफिश प्रजातियों में से एक है।
- शोधकर्ता मूल रूप से 'कोल्ड सीप्स' की तलाश में थे, जहां समुद्र की गहराई से गैस और खनिज निकलते हैं।
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